छायावादी युग के कवि और उनकी रचनाएं

छायावाद के प्रमुख कवि हैं- सर्वश्री जयशंकर प्रसाद,सुमित्रानंदन पंत,सूर्यकांत त्रिपाठी'निराला' तथा महादेवी वर्मा। अन्य कवियों में डॉ.रामकुमार वर्मा, हरिकृष्ण'प्रेमी',जानकी वल्लभ शास्त्री,भगवतीचरण वर्मा,     उदयशंकर भट्ट,नरेन्द्र शर्मा,रामेश्वर शुक्ल 'अंचल' के नाम उल्लेखनीय हैं। इनकी रचनाएं निम्नानुसार हैं :-

1. जय शंकर प्रसाद (1889-1936 ई.) के काव्य संग्रह : 1.चित्राधार(ब्रज भाषा में रचित कविताएं); 2.कानन-कुसुम; 3. महाराणा का महत्त्व; 4.करुणालय; 5.झरना ;6.आंसू; 7.लहर; 8.कामायनी।

2. सुमित्रानंदन पंत (1900-1977ई.) के काव्य संग्रह : 1.वीणा; 2.ग्रन्थि;3.पल्लव; 4.गुंजन ;5. युगान्त ;6. युगवाणी; 7.ग्राम्या;8.स्वर्ण-किरण; 9. स्वर्ण-धूलि;10. युगान्तर; 11.उत्तरा ;12. रजत-शिखर; 13.शिल्पी; 14.प्रतिमा; 15.सौवर्ण; 16.वाणी ;17.चिदंबर; 18.रश्मिबंध; 19.कला और बूढ़ा चांद; 20.अभिषेकित; 21.हरीश सुरी सुनहरी टेर; 22. लोकायतन; 23.किरण वीणा ।

3. सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'(1898-1961ई.)के काव्य-संग्रह: 1.अनामिका ;2. परिमल; 3.गीतिका ;4.तुलसीदास; 5. आराधना;6.कुकुरमुत्ता; 7.अणिमा; 8. नए पत्ते; 9.बेला; 10.अर्चना ।

4. महादेवी वर्मा(1907-1988ई.) की काव्य रचनाएं: 1.रश्मि ;2.निहार; 3.नीरजा; 4.सांध्यगीत; 5.दीपशिखा; 6.यामा ।

5. डॉ.रामकुमार वर्मा(1905- )की काव्य रचनाएं :1.अंजलि ;2.रूपराशि; 3.चितौड़ की चिता; 4.चंद्रकिरण; 5.अभिशाप ;6. निशीथ; 7.चित्ररेखा;8.वीर हमीर; 9. एकलव्य।

6. हरिकृष्ण'प्रेमी'(1908- )की काव्य रचनाएं : 1.आखों में ;2.अनंत के पथ पर; 3.रूपदर्शन; 4. जादूगरनी; 5.अग्निगान; 6.स्वर्णविहान।

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